बुधवार, 30 नवंबर 2011

मैथिली प्रेमीजन  अपनेक लेल मैथिली कें फॉण्ट कीबोर्ड  प्रस्तुत अछि एकर उपयोग करी आ मैथिली के सही मायने मे अपनाबी
अपने लोकनि जखन मैथिली के ओकरा अप्पन लिपि कें संगे अप्नेबाई टखने वास्तव मे मैथिली के काज बदत आ मैथिली के एकटा एकरा स्थान भेटतै  जिनका मैथिली के फॉण्ट चाही अपने अप्पन टिपण्णी मे लिखल जय सबके फॉण्ट मेल स' प्राप्त होयत 


1 टिप्पणी:

  1. Bahut badhiyan lagal dekh k'je ae s' bhasha aa lipi ke vikaas hoyat.
    Sab Maithil ke ee pahil kaaz hebak chahi je o mithilakshar apna baccha ke sikhabathu aa apno sikhathu jahi s' appan sahitya, sanskriti aa dharohari ke bachaol ja sakay.
    Nav varshak purv sandhya par hum ee sapath lai chhi je hum appan poora jor laga k' appan ae lipi ke je humra nai abay achhi se sikhab
    ---Murari jha

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